प्यार ,
यार ये वो लब्ज़ हैं ,
जो जिंदगी से जुड़ा हैं ,
जिंदगी जो दिल से जुड़ी हैं,
दिल जो धड़कन से जुड़ा हैं ,
वो कोई खास हैं , जो इस दिल से जोड़ा हैं।
दिल की गहराई में नहीं जात कोई ,
नहीं तो समझ जाता की क्या होता ये ,
कुछ झुट्टा तो कृच्छ सच्चा कहते ,
होजाय रोग जिसे , लोग उसे बच्चा कहते हैं ,
सच्ची हो चाहत तो हद पार करती हैं वरना ,
जिंदगी बेकार करती हैं।
रखना काबू इसे ,
धड़कता हैं तो जिंदगी आबाद होती हैं,
तड़पता हैं तो जिंदगी बरबाद होती हैं,
यार ये वो लब्ज़ हैं ,
जिसे दुनिया प्यार कहती हैं।
यार ये वो लब्ज़ हैं ,
जो जिंदगी से जुड़ा हैं ,
जिंदगी जो दिल से जुड़ी हैं,
दिल जो धड़कन से जुड़ा हैं ,
वो कोई खास हैं , जो इस दिल से जोड़ा हैं।
दिल की गहराई में नहीं जात कोई ,
नहीं तो समझ जाता की क्या होता ये ,
कुछ झुट्टा तो कृच्छ सच्चा कहते ,
होजाय रोग जिसे , लोग उसे बच्चा कहते हैं ,
सच्ची हो चाहत तो हद पार करती हैं वरना ,
जिंदगी बेकार करती हैं।
रखना काबू इसे ,
धड़कता हैं तो जिंदगी आबाद होती हैं,
तड़पता हैं तो जिंदगी बरबाद होती हैं,
यार ये वो लब्ज़ हैं ,
जिसे दुनिया प्यार कहती हैं।
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