जिसके बोलने से हो जाता है काम ।
जिसके आने से अच्छे दिन आ जाते है , जिसके सोचने से मंहगाई कम हो जाती है।
जिसके आने से राज सुधर जाता है , कहने से काज सुधर जाता हैं ।
जनता बुलाती है और वो आ जाता है।
ये बदला सा समय है जो शायद अच्छा दिन हैं ,
या कुछ धुँवा सा सपना हो जो भी हो कुछ सुकून सा है कि मेरा फैसला सही है ।
मैं जिस को ढूँढता था शायद वो यहीं हैं ।
शायद अच्छा दिन यहीं है।
ये आगाज है , भौर है सुनहरी साम अभी बाकी है, कुछ हुये है कुछ काम अभी बाकी है।
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