जीवन में ऐसा करो, जिसमेँ हमारा interest और knowledge हो क्योंकि वाही आप का धर्म है। बिना interest और knowledge के किया हुआ काम आपको आगे नहीं ले जा सकता। उदारहण के तौर पर बिजनेस मे interest रखने वाला अगर नौकरी करें और नौकरी में interest वाला बिजनेस करे तो Success नहीं मिलेगी। जिसका जो काम है , उसी हिसाब से काम चुनें। मित्र इंजीनियरिंग कर रहे थे तो वही कर ली, बाद में देखा - देखी MBA कर लिया और उसके बाद L.L.B . Success कहीं नहीं मिली क्योंकि interest कहीं भी नहीं थी। हुआ क्या आखिर बाप की दुकान पर ही बेटना पड़ा। अपनी रूचि को न देखते हुए जो दूसरों के कहने से चलते है , परेशान ही रहते हैं।
पाण्डव जब धृतराष्ट का महल छोड़कर झोपड़ी में रहने लगे तो आनंद में आ गए। यह कुछ ऐसा ही है, जैसे हम महल में दिन भर रहे लेकिन नींद अपने घर में ही आएगी क्योंकि दूसरे के पकवान में वह मजा नहीं, जो अपनी सुखी रोटी में है। इसलिए काम वही करे जो आपको अच्छा लगे।